Health Tips: ग्रीन-टी के फायदे अनेक

हाल के कुछ वर्षों में ग्रीन-टी सबसे लोकप्रिय ड्रिंक के रूप में उभरी है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि ग्रीन-टी केवल एक पेय-पदार्थ नहीं है, अगर सही तरीके से इसका सेवन किया जाए तो यह किसी हेल्थ-टॉनिक से कम नहीं है । इसमें कोई दो राय नहीं कि ग्रीन-टी बहुत लाभदायक है, लेकिन कई लोग इसका सेवन अत्यधिक मात्रा में और बिना सोचे समझे कर रहे हैं । एक दिन में कितने कप ग्रीन-टी का सेवन किया जाए, इसका सेवन कब और कब ना किया जाए, किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए, ये कुछ बातें हैं, जिनकी जानकारी होना बहुत जरूरी है ।

स्वाद ही नहीं, स्वास्थ्य भी देती है चाय ग्रीन-टी में विटामिन बी, मैग्नीज, पोटेशियम, मैग्नेशियम, कैफीन और कैटेचिंस नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। चीन में पारंपरिक उपचार में इसे दवाई की तरह उपयोग किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीन-टी नया सुपर फूड है। वैसे तकनीकी रूप से ग्रीन- टी फूड नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नैचरोपैथी का मानना है कि ग्रीन-टी हमारी सेहत के लिए बहुत उपयोगी है । इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है और यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से है। हाल में हुए कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि ग्रीन-टी भरपूर होती वजन कम करने से लेकर टाइप-2 डायबिटीज तक के खतरे को कम करती है।

Benefits of Green Tea in hindi

  1. एंटी-एजिंग
    ग्रीन-टी में कैटेचिन नामक रसायन होता है, जो शरीर को फ्री रैडिकल्स से लड़ने में सहायता करता है। एजिंग के कई प्रभाव, विशेषरूप से त्वचा पर शरीर में फ्री-रैडिकल्स के इकट्ठा होने से दिखाई देते हैं, जो आपके शरीर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करसकते हैं और उनकी उम्र बढ़ा सकते हैं ।

    इसमें पॉलीफेनॉल भी होता है जो कोशिकाओं की नवीनीकरण प्रक्रिया के लिए आवश्यक है और कोशिकाओं को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाता है पॉलीफेनॉल्स एजिंग को रोकता है और उम्र को बढ़ाता है। कैटेचिन कोशिकाओं को फ्री-रैडिकल्स के हानिकारक प्रभाव से बचाता है।

  2. ओरल केयर
    ग्रीन-टी फ्लोराइड का एक बड़ा प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए यह अपने एंटी-बैक्टीरियल इफेक्ट्स के साथ प्राकृतिक रूप से आपके दाँतों को शक्तिशाली बनाने में सहायता करता है, कैविटी को रोकता है और साँस की बदबू दूर करता है।
  3. त्वचा को लाभ
    ग्रीन-टी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं और त्वचा का युवापन बरकरार रखते हैं। यह त्वचा को सनबर्न और टैनिंग से बचाती है। यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है, जिससे त्वचा ग्लो करती है और रंग निखरता है । ग्रीन-टी स्वस्थ त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है और कई रोगों के उपचार में उपयोग की जाती है, जैसे स्किन कैंसर। यह लाभ तभी होते हैं, जब ग्रीन-टी को कई महीनों या वर्षों तक पिया जाए।
  4. वजन कम होना
    कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि अगर आप वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ ग्रीन-टी पीते हैं तो इससे वजन कम करने को बूस्ट मिलता ग्रीन-टी में पाए जानेवाले तत्त्व वसा को जलानेवाले हार्मोनों के स्रावण को बढ़ाते हैं। इसके सेवन से मेटाबॉलिज्म ठीक होता है, इसके अतिरिक्त चाय की पत्तियों में कुछ बॉयोएक्टिव पदार्थ होते हैं, जो पानी में घुल जाते हैं और वजन कम करने में सहायता करते हैं। अगर आप फ्लैट-बेली चाहते हैं तो एक दिन में चार कप ग्रीन-टी पिएँ। ग्रीन-टी में पाया जानेवाला पॉलीफिनाल वसा के ऑक्सीडेशन और उस दर को बढ़ा देता है, जिसमें आपका शरीर भोजन को कैलोरी में बदलता है।
  5. सौंदर्य बढ़ाने में
    ग्रीन-टी सौंदर्य बढ़ाने में भी कारगर है, क्योंकि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और दूसरे पोषक तत्त्वों की मात्रा अधिक होती है। यही कारण है कि बहुत सारे सौंदर्य प्रसाधनों में ग्रीन-टी होती है । ग्रीन-टी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करती है। 
  6. कैंसर से बचाव
    अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन ग्रीन-टी पीने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है । इसमें पॉलीफेनॉल्स होता है, एक एंटी-ऑक्सीडेंट जो कोशिका को क्षतिग्रस्त होने से रोकता है । ‘नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट’ के अनुसार ग्रीन-टी में पाए जानेवाले पॉलीफेनाल, कैटेचिंस और विभिन्न एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसरग्रस्त कोशिकाओं को मारने में सहायता करता है और उन्हें विकसित होने से रोकता है, इसमें पाए जानेवाले विभिन्न एंटी-ऑक्सीडेंट कई प्रकार के कैंसर की आशंका को कम कर देते हैं। ये कोशिकाओं को फ्री- रैडिकल्स से क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं और ट्यूमर की संख्या तथा आकार को कम करते हैं। नियमित रूप से ग्रीन-टी के सेवन से आँतों, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट, मुँह और फेफड़ों के कैंसर से बचाव होता है।चीन के हुए एक अनुसंधान के अनुसार, जो लोग प्रतिदिन पाँच कप ग्रीन-टी का सेवन करते हैं, उनमें स्टमक कैंसर होने की आशंका 40 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
  7. मानसिक स्वास्थ्य में
    ग्रीन-टी में एक अमीनो एसिड एल-थियानिन होता है, जो मस्तिष्क को अधिक मात्रा में सेरेटोनिन के स्रावण में सहायता करता है, जिससे सिरदर्द से लेकर भावनात्मक अवसाद कम करने में सहायता मिलती है। ग्रीन-टी मस्तिष्क में सेरेटोनिन का स्तर भी बढ़ाती है, जिससे तनाव और एंग्जाइटी दूर होती है। मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाती है। ग्रीन-टी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है , जिससे ध्यान-केंद्रण की क्षमता सुधरती है । कई अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि ग्रीन-टी अल्जाइमर्स की आशंका भी कम करती है।
  8. शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में
    ग्रीन-टी शरीर को डिटॉक्सीफाई करके उसकी कार्यप्रणाली को दुरुस्त करती है। यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है और इम्यून तंत्र को शक्तिशाली बनाती है

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आवश्यक सूचना – यह पोस्ट आपको केवल जानकारी देने के लिए ही है । कुछ भी उपचार करने से पहले डॉक्टर से परामर्श या सलाह जरूर ले ।

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