मोतियाबिंद क्या है, लक्षण, मोतियाबिंद के प्रकार और किसको मोतियाबिंद होता है? तथा मोतियाबिंद का इलाज

कई बीमारियां ऐसी होती है जो उम्र के साथ ही होती है। उनमें से मोतियाबिंद या Cataract एक बीमारी है जो आंखों में होती है। कैसे पहचान करें इलाज करने से आंख की रोशनी में इजाफा होता है।

मोतियाबिंद क्या है? (Cataract)

यह आंखों में होने वाली एक बीमारी है। उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हैं हमारे आंख के अंदर स्थित लेंस कठोर हो जाता है और वह अपनी पारदर्शिता यानी आर-पार देखने की क्षमता खोने लगता है। जिस कारण व्यक्ति को धुंधला दिखाई देने लगता है। इसी को मोतियाबिंद कहते हैं।

अधिकतर मोतियाबिंद वृद्ध अवस्था में होता है लेकिन कई बार कुछ कारणों की वजह से किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

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मोतियाबिंद के लक्षण

  • धुंधला दिखाई देना
  • तेज चिल्का पढ़ना
  • देखने में मुश्किल होना
  • आंख में सफेद दिखाई देना

मोतियाबिंद के प्रकार और किसको हो सकता है?

जन्मजात मोतियाबिंद

नवजात शिशु में भी मोतियाबिंद हो सकता है। लेंस के बनने की सामान्य प्रक्रिया में जब कोई गड़बड़ी हो जाती है, तो शिशु जन्मजात मोतियाबिंद (Congenital cataract) के साथ पैदा होता है।

विकास संबंधित मोतियाबिंद जन्म से लेकर किशोरावस्था तक हो सकता है।

 

उम्र के अनुसार मोतियाबिंद (Age Related Cataract)

यह मोतियाबिंद का सामान्य प्रकार है क्योंकि यह उम्र के अनुसार होता है। 50 वर्षीय व्यक्ति चाहे वह महिला हो या फिर पुरुष उनके दोनों ही आंखों में मोतियाबिंद पाया जाता है। लेकिन एक आंख में दूसरी आंख के मुकाबले ज्यादा मोतियाबिंद होता है।

 

गंभीर चोट से मोतियाबिंद (Traumatic Cataract)

किसी चोट के कारण भी मोतियाबिंद जल्दी बन सकता है। उसे ट्रोमेटिक मोतियाबिंद कहते हैं।

 

मधुमेह मोतियाबिंद (Diabetic Cataract)

ऐसे व्यक्ति जिन्हें मधुमेह या शुगर की शिकायत रहती है उनमें मोतियाबिंद समय से पहले ही या तेजी से बनने लगता है। यह मोतियाबिंद कम उम्र वाले लोगों में होता है।

 

5.अन्य मोतियाबिंद के प्रकार

 

उलझा हुआ (Complicated Cataract), विकिरण (Radiation Cataract), बिजली का मोतियाबिंद (Electric Cataract) और सिंदूरी मोतियाबिंद (Syndermatotic Cataract)

 

काला मोतियाबिंद क्या होता है?

काला मोतियाबिंद को ग्लूकोमा (Glaucoma) कहते हैं? यह आंख में अधिक प्रेशर बढ़ जाने के कारण होता है। मोतियाबिंद के कारण भी काला मोतियाबिंद हो सकता है।

मोतियाबिंद का इलाज

मोतियाबिंद को जड़ से खत्म करने के लिए ऑपरेशन ही इसका एकमात्र इलाज है। ऑपरेशन से लेंस को आंख से निकाल दिया जाता है और उसकी जगह आर्टिफिशियल लेंस को प्रत्यारोपण कर दिया जाता है। आर्टिफिशियल लेंस को इंट्राऑकुलर लेंस भी कहते हैं।

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद जो लेंस लगाया जाता हैं, वह उम्र भर खराब नहीं होता और नहीं धुंधला होता है।

 

ऑपरेशन के प्रकार

इंट्राकैप्सूलर कैटरेक्ट एक्सट्रैक्शन (ICCE)

इस ऑपरेशन में अपारदर्शी लेंस के साथ लेंस कैप्सूल को भी निकाल लिया जाता है। इससे लैंड से जुड़े रहने वाली जुनून से काफी कमजोर हो जाते हैं।

 

एक्स्ट्रा कैप्सूलर कैटरेक्ट एक्सट्रैक्शन टेक्निक (ECCE)

इस ऑपरेशन में अपारदर्शी लेंस का आगे से बड़े भाग को निकाल लिया जाता है जिसमें उसकी कुछ पढ़ते शामिल होती है। और लेंस के पिछले वाले भाग को अंदर ही छोड़ दिया जाता है।

अधिकतर इस तकनीक को नवजात शिशु और उम्र से पहले वाले मोतियाबिंद में इस्तेमाल किया जाता है।

 

स्मॉल इंसीजन कैटरेक्ट सर्जरी (SICS)

एस.आई.सी.एस ऑपरेशन में कॉर्निया पर छोटा सा चीरा लगाया जाता है और उस के माध्यम से इंट्राऑकुलर लेंस को आंख के अंदर आरोपित किया जाता है।

 

फैकोएमूलसिफिकेशन (Phacoemulsification)

फेको (Phaco) सर्जरी में इंट्राऑकुलर लेंस को इंजेक्शन के माध्यम से समेट कर आंख के अंदर डाल दिया जाता है। फिर उसे आंख के अंदर फैला दिया जाता है।

 

मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले कौन कौन से ब्लड टेस्ट करवाना है?

मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले किसी भी प्रकार की ब्लड टेस्ट करवाने की आवश्यकता नहीं होती लेकिन आपको ब्लड शुगर और उच्च रक्तचाप की शिकायत नहीं होनी चाहिए। यह दोनों सामान्य होने पर ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जा सकता है।

इसके अलावा आपके शरीर में कोई और बीमारी है और आप उसकी दवा ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

 

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद

ऑपरेशन कराने के बाद कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है।

खाने पीने में किसी भी प्रकार की रोक या परहेज नहीं है। जिस आंख का ऑपरेशन हुआ है उस आंख को पानी से बचाए और धूल-मिट्टी से दूर रहे। तथा तेज रोशनी से बचे इसके लिए आप काला चश्मा पहन सकते हैं। कम से कम 1 हफ्ते तक टीवी ना देखें।

मोतियाबिंद में इंसान को भैगां दिखाई देता है क्या?

मोतियाबिंद में इंसान को केवल धुंधला दिखाई देता है, आंख की मांसपेशियों में खराबी होने से भैगां दिखाई देता है।

 

ऑपरेशन का खर्च

सामान्य मोतियाबिंद के ऑपरेशन अलग-अलग तकनीकों से होते हैं और उन्हीं के हिसाब से उनका खर्च होता है। लेकिन अधिकतर मोतियाबिंद ऑपरेशन का खर्च ₹10,000 से लेकर ₹15,000 के बीच होता है। अगर इसके अलावा आपको कोई और भी समस्या है तो उसका अलग से खर्च लग सकता है।

इसमें से आंख बनवाने का खर्च दोबारा नहीं मिलता।

फ्री मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने हेतु क्या करें?

मोतियाबिंद का फ्री में इलाज करवाने के लिए सरकार कई कैंपों का आयोजन करती है और कई ऐसे प्राइवेट संस्था भी है जो मुफ्त में लोगों की आंख बनाती है क्योंकि सभी को देखने का अधिकार होता है।

फ्री में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए सरकारी अस्पताल में जा सकते हैं। वहां पर पूरी सुविधा के साथ आपकी आंख में मोतियाबिंद का इलाज किया जाएगा।

 

मोतियाबिंद की आयुर्वेदिक दवा

मोतियाबिंद की आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवा नहीं होती है क्योंकि मोतियाबिंद का शर्तिया इलाज केवल ऑपरेशन से ही किया जा सकता है।

 

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