राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2020: कोरोना की तरह अभीतक डेंगू की वेक्सीन भी नहीं हुई तैयार, हर साल होती हैं करोड़ों मौत

भारत में प्रत्येक वर्ष 16 मई को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा डेंगू दिवस मनाया जाता है 16 मई को डेंगू दिवस पूरे भारत में मनाया जाता है इसी दिन लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक और इससे बचने के बारे में बताया जाता है और हम इस मौसमी बीमारी से कैसे लड़ सकते हैं यह हम आज इस पोस्ट में आपको बताएंगे यदि आपने हमारा चैनल बेसिक ऑफ साइंस सब्सक्राइब नहीं किया है को सब्सक्राइब करें और हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करें जिससे आपको हेल्थ और मेडिकल से रिलेटेड अमेजिंग पोस्ट देखने को मिलेगी
किसी भी दिन को मनाने के पीछे का कारण उस बीमारी को लेकर लोगों के बीच में जागरूकता पैदा करना होता है भारत में डेंगू एक मौसमी बीमारी है जो मानसून के समय आती है मानसून के समय ज्यादा से ज्यादा लोग इससे पीड़ित होते हैं और कई लोगों को सही उपचार ना मिलने पर उनकी मृत्यु तक हो जाती है मानसून के साथ डेंगू के मच्छरों के पनपने का मौसम भी शुरू होता है सरकार इस बीमारी को लेकर बहुत सी जागरूकता फैला चुकी है

कब पनपते हैं डेंगू के मच्छर

मानसून की समय अधिकतर डेंगू के मच्छर ज्यादा पनपते हैं जुलाई से और अक्टूबर के बीच में यह ज्यादा पनपते हैं इनके पनपने का कारण है यह है कि मानसून के समय पानी इकट्ठा होने के कारण मच्छर पनपने का ज्यादा खतरा रहता है और गर्मियों के कुछ दिनों बाद सरकारी कर्मचारी आपके मकानों के पास इकट्ठा पानी का निरीक्षण करना शुरू कर देते हैं और जहां पानी इकट्ठा ज्यादा है वहां दवा का छिड़काव किया जाता है इसलिए क्योंकि वहां ज्यादा से ज्यादा मच्छर ना पैदा हो सके

डेंगू से अपना बचाव कैसे करें

1. साफ या गन्दा पानी आप किसी भी बर्तन में रखकर ना छोड़े क्योंकि इसमें डेंगू के मच्छर पैदा हो सकते हैं
2. कूलर के पानी को रोजाना बदले और हो सके तो थोड़ा बहुत मिट्टी का तेल डालें क्योंकि मिट्टी के तेल डालने से मच्छर उस पानी पर नहीं बैठता है और यदि उस पानी पर बैठ भी जाता है तो पानी में डूब गए उसकी मृत्यु हो जाती है
3. मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या मॉस्किटो स्प्रे या ऑडोमास का इस्तेमाल करें
4. घरों की जालीदार खिड़कियां और शीशे बंद करके रखें और दरवाजे भी बंद रखें जिससे आपके घर में मच्छर ना आ सके

डेंगू का मच्छर इसे आम मच्छर से अलग होता है

डेंगू का मच्छर किसी आम मच्छर से अलग होता है डेंगू के मच्छर को मादा एनाफिलीज मच्छर या एडिज होता है इस के काटने से डेंगू बीमारी होती है और अधिकतर मच्छर अंधेरे में काटते हैं पर यह अधिक रोशनी में काटता है यह मच्छर सुबह के समय ज्यादा एक्टिव रहता है और यह मच्छर ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ सकता है यह शरीर की घुटनों के नीचे तक ही रहता है और डेंगू मच्छर को लेकर यह भी भ्रम है कि यह गंदे पानी में ही पनपते हैं पर ऐसा नहीं है यह साफ पानी में भी पनप जाते हैं इसलिए हमेशा मानसून के मौसम में किसी भी जगह पानी को भराना ना रखे

और यदि यह मच्छर आपको काट लेता है तो कुछ दिनों बाद इसके लक्षण दिखाई देना शुरू होते हैं और काटने के 3 से 5 दिन बाद बुखार आदि के लक्षण आने लगते हैं

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